जलग्राम (जरिगवां) JALGRAM (JARIGAVAN)
जलग्राम वर्तमान में इसका नाम जरिगवां है, महर्षि दधीचि जी व 88000 ऋषियों द्वारा किया गया 84 कोशीय परिक्रमा का यह आठवां पड़ाव है। फाल्गुन मास शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को यहां पर हजारों परिक्रमार्थी रात्रि विश्राम करते हैं, जिनके स्वागत में यहां के निवासी पलके बिछाए रहते हैं, उनके लिए भोजन व विश्राम की व्यवस्थाओं में स्थानीय श्रद्धालु बढ़ चढ़ कर भाग लेते हैं, हर घर में साधुजनों के लिए अनेक व्यंजन बनाए जाते हैं और ये परम्परा आदि काल से चली आ रही है। यहां पर काफी प्राचीन शिव मंदिर है, परम्परागत शैली में बना यह मंदिर काफी सुंदर एवं आध्यात्मिक शक्तियों से परिपूर्ण है, मन को शांति प्रदान करता है शिवालय बरबस मन को मोह लेता है। यहां के निवासी काफी भक्ति भावना से परिपूर्ण और शिक्षित है। लखनऊ से मिश्रित तीर्थ आने वाली बस से आप यहां पर आ सकते हैं। सड़क से सिर्फ 100 मीटर की दूरी पर स्थित है ये मंदिर। अगर आप इस क्षेत्र में आते हैं तो आप इस मंदिर के दर्शन अवश्य करें। नजदीकी देवस्थान--- यहां से मात्र 3 किलोमीटर दूर इस तीर्थ को आप अवश्य दे...