HARIDWAR TIRTH MACHHREHTA हरिद्वार तीर्थ मछरेहटा
HARIDWAR TIRTH MACHHREHTA हरिद्वार तीर्थ मछरेहटा HARIDWAR TIRTH MACHHREHTA हरिद्वार तीर्थ मछरेहटा फाल्गुन मास की अष्टमी को मिश्रित तीर्थ से प्रारम्भ होने वाले चौरासी कोसीय परिक्रमा में मंडरिक ऋषि के आश्रम मंदरुआ से जलग्राम (जरिगवां ) को जाते हुए परिक्रमा यहीं से निकलता है और यहाँ पर हरिद्वार तीर्थ में स्नान ध्यान करता है,यहां का स्थान बहुत ही सुन्दर और मनोरम है। यहाँ से मात्र 2 किलोमीटर की दूरी पर माँ भारासैनी शक्तिपीठ है। मछरेहटा के बारे में कहा जाता है की ये गुरु गोरखनाथ के शिष्य मछन्दरनाथ ने यहीं पर तपस्या की थी उन्हीं के नाम पर इसका नाम मछरेहटा पड़ा। आज के दिन यहाँ पर साधु संतों के लिए जगह जगह भंडारा करवाया जाता है। यही से आगे जरिगवां जाने पर कुछ दूरी पर कुसौली (कुशावर्त) में तीर्थ और मंदिर है काफी सुरम्य तीर्थ और मंदिर पर भी परिक्रमार्थी विश्राम व स्नान ध्यान करते हुए जरिगवां में रात्रि विश्राम करते हैं। हम आप सभी कुसौली तीर्थ व माँ भारासैनी शक्तिपीठ के चित्र व लोकेश...